ऐतिहासिक समाज की बैठक में घड़ी बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें शहर के सबसे पुराने बगीचों में पाई जाने वाली धूपघड़ियों के पीछे के डिजाइन और गणितीय सिद्धांतों पर चर्चा की गई।
“शिक्षक ने कहा कि छात्र का विचार लाक्षणिक रूप से एक सोने की खान था, जिसका अर्थ है कि यह बहुत मूल्यवान और क्षमता से भरपूर था, लेकिन वास्तव में सोने का नहीं बना था।”