
वैज्ञानिक बाघों को विभिन्न उप-प्रजातियों में वर्गीकृत करते हैं, जैसे बंगाल टाइगर और साइबेरियाई टाइगर, जो अभी भी सभी बाघ हैं, लेकिन उनमें थोड़ी अलग विशेषताएं हैं।


वैज्ञानिक बाघों को विभिन्न उप-प्रजातियों में वर्गीकृत करते हैं, जैसे बंगाल टाइगर और साइबेरियाई टाइगर, जो अभी भी सभी बाघ हैं, लेकिन उनमें थोड़ी अलग विशेषताएं हैं।

जीवविज्ञानियों ने अपने विशिष्ट कोट पैटर्न और भौगोलिक स्थिति के आधार पर जिराफ की एक नई उप-प्रजाति की पहचान की।

वैज्ञानिक बाघों की कई उप-प्रजातियों को पहचानते हैं, जिनमें से प्रत्येक अलग-अलग क्षेत्रों और वातावरण के अनुकूल है।