प्रोफेसर का भाषण इतना आडम्बरपूर्ण था, जिसमें अस्पष्ट शब्दों और जटिल वाक्यों का प्रयोग किया गया था, कि छात्रों को उनके मुख्य बिंदु को समझने में कठिनाई हुई।
छात्र का प्रस्तुतीकरण आडम्बरपूर्ण था, जिसमें अत्यधिक नाटकीय भाषा और बड़े-बड़े शब्द भरे हुए थे, जिनसे उसकी व्याख्या में वास्तव में कुछ भी नहीं जुड़ा था।