स्ट्रोक के बाद, रोगी ने शरीर के विपरीत पक्ष में कमजोरी का अनुभव किया, विशेष रूप से बाएं हाथ और पैर में, क्योंकि क्षति उसके मस्तिष्क के दाहिने हिस्से में थी।
स्ट्रोक के बाद, उसने अपने विपरीत पक्ष के हाथ में कमजोरी का अनुभव किया, जिसका मतलब है कि कमजोरी ने उसके शरीर के उस तरफ के हाथ को प्रभावित किया जहाँ उसके मस्तिष्क में स्ट्रोक हुआ था।