















छात्र के निबंध में एक उल्लेखनीय अतिनाटकीयता प्रदर्शित हुई, जो अत्यधिक नाटकीय भाषा पर निर्भर थी, जो 16वीं शताब्दी की साहित्यिक शैली की एक विशिष्ट शैलीगत पसंद थी।



छात्र की पेंटिंग ने एक मजबूत अतिनाटकीयता प्रदर्शित की, जो स्पष्ट रूप से रेम्ब्रांट के कार्यों से प्रेरित थी, जिसका उद्देश्य विषय वस्तु की भावनात्मक गहराई को पकड़ना था।