










बच्चे को गणित की एक पूर्वज्ञान समझ थी, जो अवधारणाओं को बिना स्पष्ट रूप से सिखाए ही समझ रहा था।






बूढ़ी औरत मानती थी कि आत्माओं के साथ पारलौकिक अनुभवों की उसकी दादी की कहानियाँ सच थीं।



गणित की समस्या के समाधान में एक अतिगणितीय संख्या शामिल थी, जिसका अर्थ है कि इसे पूर्ण संख्या गुणांकों वाली किसी भी समीकरण को हल करके नहीं पाया जा सकता था।


